window.dataLayer = window.dataLayer || []; function gtag(){dataLayer.push(arguments);} gtag('js', new Date()); gtag('config', 'G-S74TFS0VT1'); वर्गीकरण क्या है Taxonomy in hindi Very Easy language में-2022

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वर्गीकरण क्या है Taxonomy in hindi Very Easy language में-2022

 हेलो दोस्तों फिर से स्वागत है, आपका हमारे इस आर्टिकल पर दोस्तों आज हम बात करेंगे कि वर्गीकरण क्या है? What is Taxonomy in Hindi? वर्गीकरण के बारे में हम स्टेप बाई स्टेप जानेगे, तो सबसे Taxonomy शब्द की उत्पत्ति के बारे में जान लेते है आखिर इस शब्द की उत्पत्ति कैसे हुई।

    वर्गीकरण पद्धति क्या है? What is Taxonomy in Hindi?

    Taxonomy शब्द की उत्पति ग्रीक भाषा से हुई है। यह ग्रीक भाषा के दो शब्दों Taxis और Nomos से मिलकर बना है। जोकि Taxis का मतलब या अर्थ = Arrangement (व्यवस्थितरूप से) होता है, और Nomos का अर्थ = Law (नियम) होता है।

    यहाँ पर आप ने Taxonomy शब्द की उत्पत्ति कैसे हुई है इसके बारे में आप जान चुके है अब हम जान लेते है कि वर्गीकरण पद्धति या taxonomy की परिभाषा क्या है। 

    वर्गीकरण पद्धति की परिभाषा क्या है? What is Definition of Taxonomy?  

    देखिये जीवों का वर्गीकरण करने का जो सिस्टम और नियम है उसी को Taxonomy या वर्गीकरण पद्धति कहा जाता है। 

    जीवो के वर्गीकरण की कार्यप्रणाली और सिधांत Taxonomy या वर्गीकरण पद्धति कहलाता है यह थ्योरी बैज्ञानिक E. Mayr (1961 में) ने दिया था।   

    वर्गीकरण क्या है?
     वर्गीकरण क्या है?

    अभी – अभी हम लोगो ने taxonomy के परिभाषा के बारे में जाना है अब हम लोग इसके अर्थ के बारे में जानेंगे यानि की इसका मीनिंग क्या है।  

    What is Taxonomy meaning in Hindi?

    Taxonomy का हिंदी मे अर्थ वर्गीकरण पद्धति या वर्गीकरण विज्ञान होता है।

    दोस्तों अभी तक तो हम लोगो ने वर्गीकरण क्या है, वर्गीकरण की परिभाषा क्या है। और taxonomy के अर्थ के बारे में जाना है। और अब हम लोग जानेंगे की Systematics क्या होता है?

    कीवर्ड रिसर्च के बारे में जानना कहते है तो इस विडियो को देखिये -



    What is Systematics in Hindi?

    Systematics शब्द की उत्पत्ति ग्रीक भाषा के 'systema' शब्द से हुआ है। जिसका अर्थ 'placing together यानि की 'एक साथ रखना होता' है। 

    इस प्रकार systematics का अर्थ जीवित वस्तुओ के साथ उनके प्राकृतिक सम्बंध के अनुरूप वर्गीकरण, Systematics कहलाता है। 

    What is the meaning of Systematics?

    सिस्टेमेटिक का हिंदी में अर्थ ‘व्यवस्था’ होता है। यानि की व्यवस्थित रूप से रखना होता है।

    बैज्ञानिक G.G. Simpson  के अपने अनुसार Systematics को परिभाषित किया उन्होंने कहा कि  "किसी भी जीव की डाइवर्सिटी और टाइप और उनके बीच के सभी रिलेशनशिप का वैज्ञानिक रूप से अध्ययन को Systematics  कहते है।  

     वर्गीकरण प्रणाली क्या है? (What is a Taxonomic system?)

    देखिये जीवों का वर्गीकरण और नामकरण करने वाली प्रणाली को वर्गीकरण प्रणाली कहते है। 

    Taxonomic system की शुरुआत सबसे पहले वैज्ञानिक अरस्तू (Aristotle) सर ने किया था। इन्होंने जंतुओं को उनके रहन सहन, तौर तरीकाकार्यआवास और शरीर के अंगों या भागों के अनुसार वर्गीकरण किया है। इन्होंने और भी बहुत से काम किये जैसे - कीड़े मकोडेमछलियोंपक्षियोंऔर व्हेलो का परीक्षण किया और इनके बारे में जानकारी दिए 

    आशा करता हूँ दोस्तों वर्गीकरणात्मक पद्धति के बारे में आपको अच्छी तरह से समझ में आ गया होगा तो चलिए अब आगे चलते है। 

    Who is the Father of Biological Classification?

    जैविक वर्गीकरण के फादर कौन है देखिये वैज्ञानिक अरस्तू ने ही सबसे पहले वर्गीकरण पद्धति की शुरुआत किये थे। और इसके बारे में बहुत कुछ बताये थे।
    इसलिए इन्हें इनके उपर्युक्त लेख के
      कारण जैविक वर्गीकरण का फादर (Father of Biological Classification) कहा जाता है।
    इन्होंने जंतुओं का वर्गीकरण उनके
     गलफड़े, फेफड़ा, पंजे, दांतों और दूसरे संरचना के आधार पर किया था।

    आधुनिक वर्गीकरण का कार्य सर्वप्रथम इंग्लैंड के वैज्ञानिक John Ray द्वारा प्रारंभ किया गया था। इन्होने अपने बहुत ही रोचक कार्य को सन 1693 मे Synopsis Methodical Animalium Quadrupedum  et Serpentine Generis  मे प्रकशित किया था।

    इन्होंने दो प्रकार के जीवो को विभाजित किया था एक रक्त युक्त जीव और दूसरा रक्त हीन जंतुओं मे विभाजित किये थे।  

    अब देखते हैं कि वैज्ञानिक Carolus Linnaeus ने वर्गीकरण पद्धति में क्या योगदान दिया। 

    Carolus Linnaeus - 

    वैज्ञानिक C. Linnaeus एक महान स्वीडिश प्रकृतिवादी (Naturalist) थे जिन्होंने वर्गीकरण की उन्नति के लिए बहुत महत्वपूर्ण कार्य किया। इस कारण से इन्हें आधुनिक वर्गीकरण का फादर कहा जाता है।

    इन्होने अपनी प्रसिद्ध किताब "Systema Naturae" को सन 1750 मे प्रकाशित किया। इन्होंने सर्वप्रथम जंतु जगत तथा पादप जगत दोनों को वर्गीकरण पद्धति मे प्रस्तुत किया।

    वैज्ञानिक Michael Adamson ने वर्गीकरण पद्धति में अपना क्या योगदान दिया यह भी जान लेते है।

    Michael Adamson(1727-1806)-

    Michael Adamson एक फ्रेंच वनस्पति वैज्ञानिक थे। इन्होंने बताया कि वर्गीकरण कई  लक्षणों या विशेषताओ के आधार पर करना चाहिए और उसके बाद इन्होंने एक नई प्रकार की वर्गीकरण का विकास किया। जिसे "संख्यात्मक वर्गीकरण" (Numerical Taxonomy) कहा जाता है।

    वैज्ञानिक लैमार्क ने वर्गीकरण पद्धति में क्या योगदान दिया।

    Lamarck (1744-1829)-

    Lamarck ने पहले प्रयास मे Linnean सिस्टम को बेहतर बनाया। इन्होंने अपने "Histories Naturelle des Animus sans Vertebras" को सात खंडों मे प्रकाशित किया।

    इन्होंने जंतुओं को समूहों मे तथा पौधों  को शाखाओं के रूप मे प्रदर्शित किया। इस वर्गीकरण पद्धति  में " जातिवृत्ति " (Phylogeny) के प्रयोग की शुरुआत हुई थी। 

    अब आगे वैज्ञानिक Cuvier का सिधांत जानेगे?

    Cuvier (1769-1832)-

    वैज्ञानिक Cuvier ने कहा कि विलुप्त जीवो के जीवाश्मो को वर्गीकरण के तालिका मे शामिल करना चहिये। इन्होंने जंतुओं को चार शाखाओं मे विभाजित किया है।

    1- Vertebrata

    Include fish in mammals 

    2- Mollusca      

    Mollusca and Barnacles

    3- Articulata  

    Annelids, Crustaceans (कड़े खोले वाला जलीय जीव)

    4- Radiata 

    Echinoderms, Nematodes, and coelenterates


    अब आगे पढेंगे की वैज्ञानिक
     Charles Darwin ने वर्गीकरण पद्धति में क्या योगदान दिया।

    Charles Darwin -

    बैज्ञानिक चार्ल्स डार्विन ने 1859 मे अपने प्रसिद्ध लेख "प्रजातियों की उत्पत्ति" (Origin of species) को प्रकशित किया। डार्विन के नई विकासात्मक विचार को जीव वैज्ञानिको के बीच शीघ्र ही स्वीकार कर लिया गया। इनका विकासात्मक विचार वर्गीकरण को सीधे प्रभावित किया।

    इन्होंने विकास के पक्ष मे एक महत्वपूर्ण पठित प्रमाण भी दिया था। क्योकि डार्विन की विकास सिद्धांत में वर्गीकरण की गतिविधियां और  उनके अर्थ भी दिए गए थे। इन्होने  कई प्रजातियों की खोज और उनके वर्णन भी किए  थे। 

    आधुनिक वर्गीकरण का विकास कब प्रारंभ हुआ?

    आधुनिक वर्गीकरण  का विकास 1930 के दौरान प्रारम्भ हुआ। इस काल के दौरान वर्गीकरण "जैव समुदाय" अध्ययन  पर आधारित था। 

    वैज्ञानिक E. Mayr -

    वैज्ञानिक E. Mayr (1942) ने प्रजाति के समान "प्रकृति जन समुदाय संकरण के समूह" का विकास किया। इन्होने अपनी किताब "नई वर्गीकरण पद्धति (New systematics) में वर्गीकरण के इतिहास मे युगांतकारी क्रांति को लाया है।  

    वर्गीकरण वैज्ञानिको ने इसे एक जन समुदाय प्रजाति के रूप मे स्वीकार किया है। और उस पर जोर शोर से काम शुरू कर दिए और वर्गीकरण  वैज्ञानिक ने इसे प्रयोग स्थल क्षेत्र से इस कार्य को शुरू किया था।

    ये सभी वैज्ञानिको ने रूपात्मक विशेषता के साथ दुसरी विशेषता, व्योहार  जैसे - आवाज, पर्यावरण, आनुवंशिकता, जंतु भौगोलिक, शरीर, क्रिया विज्ञान और जीव रसायन का भी अध्यन करते थे। उसके बाद इस वर्गीकरण  पद्धति को "जैविक वर्गीकरण पद्धति" (Biological Taxonomy) में बदल दिया गया। 

       उस समय एक जीव वैज्ञानिक ने वैज्ञानिको के विचार पर जीवो की प्रबंधीकरण या सामूहिकरण को तीन रूपों मे नाम दिया। 

    Introduction to Taxa and Species - 

    1. Taxonomy

    2. Systematics
    3.
     Classification  
         
    Taxonomy
     - (इसको जानने के लिए पहला हेडिंग देखिए 
    Systematics
     - (इसको जानने के लिए दूसरा हेडिंग देखिए)

    What is Classification in Biology?

    Classification- 

    Classification शब्द का अर्थ taxonomy मे आंशिक रूप से अति व्याप्त करना होता है। फिर भी इसका पूरी तरह से गतिविधि साधन का वर्गीकरण हो रहा है। 

    Simpson के अनुसार 

    वैज्ञानिक Simpson ने बताया कि जंतु विज्ञान वर्गीकरण के क्रमानुसार जंतुओं को समूहों के अंदर उनके सम्बंध के आधार पर वर्गीकृत किया गया है।
    सिस्टमैटिक शब्दावली के बीच कुछ निश्चित मात्रा के अतिव्याप्त उद्देश्य मे वर्गीकरण पद्धति और वर्गीकरण असंभवीय है।
     

    What is Definition of Taxa in Biology?

    Taxon -

    Taxa के एक वचन रूप को Taxon कहा जाता है। प्रजातियों को विशेषताओ के आधार पर जंतुओं को विभिन्न समूहों मे वर्गीकृत किया गया है। वर्गीकृत को दूसरे प्रकार से "Taxa" कहा जाता है।
    "किसी श्रेणी का एक
      समूह एक Taxon कहलाता है।  जो कि योग्य के अनुसार पर्याप्त मात्रा मे स्पष्ट रूप से एक निश्चित वर्ग मे नियुक्त हो रहा है "

    जंतु वर्गीकरण पद्धति मे कई taxa है। जिनका नाम Phylum, class, order, family, genus और species है। इस वर्गीकरण पद्धति के वर्गीकरण व्यवस्थापन में Phylum से species तक बनाया गया है। इस पद्धति  में प्रत्येक taxon में जीवो का समूह प्रजाति के विशेषताओ पर आधारित है।
    Phylum Taxon
     एक लंबी समूह है। जंतु जगत मे इस तरह के कई Phylum बने है। एक संघ के सदस्य की पहचान  कुछ विशेष आकृति द्वारा किया जाता है जो नीचे दिया गया है। 

    Phylum (संघ) 

    Characters (विशेषता)

    Protozoa 

    Single-celled animals

    Porifera 

    Pore bearers 

    Coelenterate 

    Common body cavity and digestive cavity    

    Platyhelminthes 

    Flatworm

    Nematoda

    Threadlike worm animal

    Annelida  

    Metameric ally segmented Animal

    Arthropoda 

    Having joined legs 

    Mollusca 

    soft-bodied 

    Echinodermata

    Spiny skinned 

    Chordata 

    Notochord

    सम्भवतः एक संघ के सदस्यों की एक प्रजाति की विशेषता से अलग अलग दूसरे समान्य विशेषता भी दिखाई देते है। चूंकि एक संघ मे बहुत प्रजाति के जंतुओं को सम्मलित किया गया है। इसे और अधिक उपविभाजित किया गया है जो नीचे दिया गया है।


    Phylum        - subphylum           - class

               या

    Phylum          - classes

            या

    Phylum              - superclass     - classes          

    Class (वर्ग) -  

    वर्गीकरण मे फाइलम के बाद अगला स्तर वर्ग होता है। एक फाइलम में केवल कुछ वर्ग होते है। कुछ प्रजाति के विशेषताओ द्वारा प्रत्येक वर्ग के सदस्यों को निर्धारित किया जाता है। 

    अतः फाइलम के उदाहरण के लिए जैसे - Protozoa Phylum में 4 class को सम्मलित किया गया है। जो निम्न है- 

    Class (वर्ग) 

    Character(विशेषता)

    Rhizopoda 

    with root-like pseudopodia 

    Ciliata 

    Having cilia

    Flagellate  

    Having flagellum

    Sporozoan

    Producing spore

     

    Order (गण) - 

    प्रत्येक वर्ग को सुपर ऑर्डर या Orders मे विभाजित किया गया है।              
    Class - subclass - super order - order

     या 

    class - Order

    वर्गीकरण पद्धति के वर्गीकरण में एक और स्तर एक ऑर्डर होता है। कुछ प्रजाति के विशेष गुण द्वारा उन्हें चिन्हित या पहचान किया जाता है। एक Class मे कई order हो सकते है।

    For example - वर्ग – Insect को लगभग 29 orders मे उपविभाजित किया गया है। 

    एक प्रजाति के विशेषता या गुणों द्वारा प्रत्येक ऑर्डर निर्धारित किया गया है।


    Order  

    Character

    Example

    Aptera 

    No wings 

     Lepisma

    Coleoptera 

    Horny wings

    Beetles

    Lepidoptera

    Scaly wings

    Butterflies

    Diptera

    Two-winged

    Mosquitoes 

    Hymenoptera

    Membranous wings

    Wasps

    

    इसके बाद ऑर्डर को Family मे उपविभाजित किया गया है। 
    Order - Super Family - Families
      
    या
     
    Order - Families

    Family (कुल) -

    प्रत्येक कुल मे कई Genera (वंश) सम्मलित है। प्रत्येक  वंश को फिर से  species  मे उपविभाजित किया गया है। इस वर्गीकरण मे प्रजाति या species बहुत महत्वपूर्ण Taxon के रूप मे होते है। एक प्रजाति एक प्राकृतिक इकाई को दर्शाती है। एक प्रजाति एक वास्तविकता को दर्शाता है। यानि की वह वास्तव में क्या है।
     प्रजाति वर्गीकरण पद्धति में मुख्य इकाई है। मूलरूप से विकास केवल प्रजाति स्तर पर चलता है। अतः बहुत खास देख रेख मे "Concept of species (प्रजाति की संकल्पना)" बनाई गई है। 
    चलो अब जानते है। कि प्रजाति की संकल्पना क्या है।

    प्रजाति की संकल्पना (Concept of species)-

     शुरुआत मे ही प्रजाति को ध्यान मे रखकर जीवो के समूह का प्रदर्शन प्रजाति विशेषता या समानता पर किया गया है। इसप्रकार आधुनिक कार्य कर्ता ने प्रजाति से संबंधित तीन मुख्य concept निर्धारित किए है। 

    1- प्रारूपिकरण प्रजाति संकल्पना (Typological species concept)-

    इस  संकल्पना की शुरुआत अरस्तू के मह्त्वपूर्ण विचार से हुआ। इस संकल्पना के अनुसार एक प्रजाति की पहचान आकृति विज्ञान मे उसके मह्त्वपूर्ण विशेषता द्वारा किया जाता है।

    2-नामवादी प्रजाति संकल्पना (nominalist species concept) -

    इस प्रजाति संकल्पना के अनुसार यह मानव निर्मित विचार प्रकृति ने मानव को जन्म दिया है। लेकिन और भी इसकी प्रजाति है इसलिए यह मानसिक विचार पर विचारित है।

    3- जैविक प्रजाति संकल्पना (Biological species concept) -

    इस संकल्पना के अनुसार -प्रजाति प्राकृतिक समुदाय संकरण का समूह है। जो कि दूसरे ऐसे समूह से अलग प्रजननीय है। इस concept को आधुनिक वर्गीकरण वैज्ञानिको द्वारा मुख्य रूप से स्वीकर किया गया है।  

    Methods of taxonomy (वर्गीकरण की विधियां) -

    1- संख्यात्मक वर्गीकरण (Numerical taxonomy)- 

    इस विधि में एक taxon या कई taxa के  अलग - अलग सामूहिककरण के विधि शामिल है। सभी समानता पहचान के आधार पर निर्माण हो रहा है। इच्छित आकार के सामूहिककरण को Operational taxonomic unit कहते है। 

    इस identity system में समानता या असमानता taxon से taxon के मापन शामिल है। इसमें 0 से 1 तक के मापन के पैमाने का प्रयोग किया जाता है।1 की उपस्थिति से सही की पहचान होता है -1 taxa असमानता के बीच दर्शाता है। इस विधि मे समूहों से संबंधित डाटा का बड़ी मात्रा  मे संग्रहण किया जाता  है। सूक्ष्मता से परीक्षण के लिए बने सांख्यिकीय टूल्स और कंप्युटर का प्रयोग हो रहा है।  

    2- कोशिका वर्गीकरण (Cytotaxonomy)-

     एक कोशिका का चरित्र चित्र एवं पहचान उसके पूर्ण गुणसूत्र निर्धारित करते है। जो Karyotyping से संबंधित होता है। यह वर्गीकरण में गुणसूत्रों का प्रयोग करने के प्रक्रिया मे पहला चरण है। 
    Karyotypes
     के अंतर्गत एक प्रजाति का सामुदायिक संकर अक्सर स्थायी होता है। प्रजाति के गुणसूत्र संख्या एव आकर के बीच मे अंतिम प्रक्रिया जैसे कि Inversion और Translocation मध्यस्थ पराक्रम से संबंधित संकेत दे सकता है। 

    3- रसायन वर्गीकरण (Chemotaxonomy) - 

    एंजाइम की क्रिया द्वारा उत्पन्न छोटे - छोटे अणुओं के बारे मे जानकारी प्राप्त करने के लिए  Chemotaxonomy की सहायता की आवश्यकता होती है।  
    Electrophoretic Techniques
     मे प्रोटीन अणुओं की और chemotaxonomy मे अमीनो अम्ल की पहचान के लिए और ऊतक पदार्थ मे Isoenzymes की व्यापकता के पहचान के लिए इन सभी tools का उपयोग Chemotaxonomy  में किया जाता है। इस taxonomy की सहायता से प्रजाति मे उपस्थित संकेत, रंग, वर्णक, जीव विष भी भेजा जाता है।

    4- जीवाश्म वर्गीकरण (Paleoauxology) - 

    यह विधि जीवाश्म के काल अवधि और पहचान पर निर्भर करता है। एक अच्छा पूर्ण जीवाश्म की उपलब्धता पहचान के लिए अच्छा अवसर कहा जाता है। कई रहकर के जीवाश्मों मे उनके अंश को लेकर शुरू से अंत तक उनके विशेषताओ की पहचान करना कठिन प्रक्रिया है।  जीवाश्म तथा दूसरे  संलग्न जीवाश्म के साथ उनके भौगोलिक स्थान और दूसरे कारक के बीच अध्ययन किया गया है। 

    यद्यपि यहां तक कि एक जीवाश्म से एक वंश या दूसरे उच्चतम स्तर को निर्धारित करना सम्भव है। लेकिन प्रजाति की मरम्मत करना कभी भी सम्भव नहीं है।

    दोस्तों इस आर्टिकल में हम लोगों वर्गीकरण क्या है। इसके बारे में स्टेप बाई स्टेप जानकारी ली है। दोस्तों आशा करता हूँ कि इस आर्टिकल में दी गई जानकारी से आप संतुष्ट होंगे अगर आपको यह जानकारी अच्छी लगी हो तो इसे अपने दोस्तों के साथ शेयर करें।

     Thank you so much

    

     

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