Jaiv Mandal kya hai, Biosphere very easy language mein

हेलो दोस्तों स्वागत है आपका हमारे इस पोस्ट में  आज हम बात करेंगे जैव मंडल पर आखिर Jaiv mandal kya hai

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इसके बारे हम लोग स्टेप बाई स्टेप जानेंगे 

Jaiv Mandal kya hai? What is Biosphere in hindi?

Biosphere शब्द का प्रयोग सर्वप्रथम आस्ट्रेलियाई वैज्ञानिक Eduard suess सर ने किया था I इन्होने बताया कि प्रत्येक जीवधारी अपनी आवश्यकताओं की पूर्ति इन्हीं तीनों मंडलों से करता है

जैव मंडल का साधारण भाषा मे अर्थ उस स्थान से है जहाँ  जीव निवास करते है और अपनी संख्या को बढ़ाते है उसे जैव मंडल कहा जाता है| 

जैव मंडल स्थल मंडल, जल मंडल, एवं वायुमंडल के सभी जीवो का समावेश होता है जैव मंडल का विस्तार समुद्र के भीतर 11 km तक गहरा  एवं धरती  से 17 km ऊपर तक आंका गया है इसकी चारो तरफ की मोटाई 28 किलोमीटर तक नापी गई है इसी घेरे के अंदर सभी प्रकार के जीव जंतु, पेड़ पौधे चाहे नभचर हो या स्थलीय या जलीय हो सभी पाए जाते है और पृथ्वी ही मात्र एक ऐसा  ग्रह है जहां  जैव मंडल का अस्तित्व पाया जाता है एवं जैव मंडल का सबसे प्रमुख जीव मानव को कहा जाता है

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Jaiv mandal kya hai इसके बारे में तो हम लोगो ने जान लिया है अब हम लोग जैव मंडल के प्रकार के बारे में जानेंगे

जैवमंडल के प्रकार (Types of Biosphere) –

जैव मंडल तीन प्रकार के होते है

  1. वायु मंडल (Atmosphere )
  2. जल मंडल (Hydrosphere) 
  3. स्थल मंडल (Lithosphere)

1- वायु मंडल (Atmosphere)     

इस मंडल में वायु पाया जाता है यानि कि यह पृथ्वी का वायुवीय क्षेत्र है  प्रत्येक जीवधारी अपने आवश्यकता की पूर्ति इस मंडल से करता है  

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2- जल मंडल (Hydrosphere)-

इस मंडल में जल पाया जाता है यह संपूर्ण पृथ्वी का लगभग 71% भाग पर पाया जाता है और असंख्य जीव इस मंडल मे पाए जाते है I जल प्रत्येक जीवधारी का अनिवार्य घटक है यह मनुष्य के शरीर का लगभग 65-70% भाग बनाता है I यह भोज्य पदार्थो को घुलनशील बनाकर के उनपर एंजाइमों की क्रिया को सम्भव बनाता है I

3- स्थल मंडल – (Lithosphere) –

स्थल मंडल जल मंडल के अतिरिक्त पृथ्वी का वह क्षेत्र है जो ठोस रूप मे होता है यह वनस्पतियों तथा जीव जंतुओं से परिपूर्ण हो सकता है जीवो के शरीर के खनिज पदार्थ (Ar, Fe, Ca, Mg) इत्यादि की पूर्ति इसी मंडल से होती है I

जैव मंडल के घटक

अगर हम जैव मंडल के घटक के बात करे तो जैव मंडल के मुख्य रूप से तीन घटक होते है

  1. जैविक घटक
  2. अजैविक घटक
  3. ऊर्जा घटक

सबसे पहले जैविक घटक के बारे में जान लेते है कि जैविक घटक कौन कौन से होते है

जैविक घटक –

जैविक घटक के अंतर्गत जीव जंतु, सूक्ष्म जीव और पेड़ – पौधे वनस्पति आते है ये तीनो पर्यावरण के जैविक घटक है इसलिए इन तीनो घटकों को तीन उप तंत्र भी कहते है

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अब हम तीन उप तंत्रों के बारे में एक – एक करके जानेंगे

पेड़ – पौधे –

ये जैविक घटकों में सबसे महत्वपूर्ण घटक है और सिर्फ पेड़ पौधे ही प्राइमरी प्रोडूसर है यानि की प्राथमिक उत्पादक होते है क्योंकि केवल पेड़ पौधे ही प्रकाश संश्लेषण करके अपना भोजन खुद ही बना लेते है इसी कारण से इन्हें स्वपोषी कहते है

पेड़ पौधे समस्त प्रकार के जैविक पदार्थो का उत्पादन करते है यही नहीं पोषक तत्वों और जैविक पदार्थो के चक्रण (cycle) और पुनर्चक्रण (Recycle) प्रक्रिया में सहायता भी करते है और सभी जीव जन्तुओ के लिए भोजन और ऊर्जा के प्रमुख स्रोत भी है

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जीव जंतु या पशु – देखो हम लोगो ने ऊपर पढ़ा है कि पेड़ पौधे प्राथमिक उत्पादक है इसी तरह जीव जंतु या पशु मुख्य उपभोक्ता है इन्ही वजह से पशुओ को विषम तंत्र कहते है

इन पशुओ का मुक्य रूप से 3 कार्य होते है सबसे पहला, पेड़ पौधो जो भोजन के लिए जैविक पदार्थ का उपलब्ध करते है उसे ये पशु उपयोग करते है

और जो दूसरा कार्य है अब ये पशु इस भोजन को ऊर्जा में बदलते है

तीसरे कार्य में पशु इस ऊर्जा का उपयोग अपने वृद्धि और विकास में करते है

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सूक्ष्म जीव –

सूक्ष्म जीव वह जीव होते है जिन्हें हम लोग उन्हें अपने नग्न आखों से देख नहीं सकते है इन्हें देखने के लिए सूक्ष्मदर्शी का प्रयोग किया जाता है

सूक्ष्म जीव के अंतर्गत बैक्टीरिया, कीटाणु , फफूंदी इत्यादि आते है अब ये सूक्ष्म जीव जो है ये सभी मरे हुए पशु एवं पेड़ पौधों को और भी जो जैविक घटक है उन्हें अपघटित कर देते है  इसलिए इन्हें अपघटक कहते है

ये बहुत ही ज्यादा संख्या में है इनकी गिनती नही की जा सकती है इनकी कोई सीमा नही है ये अपघटन क्रिया करके अपना भोजन प्राप्त करने के साथ साथ जो जटिल जैविक पदार्थ होते है उन्हें तोड़कर अलग कर देते है अब ये जो अलग किये गए जैविक पदार्थ होते है इनका प्रयोग पेड़ पौधे फिर से कर लेते है यही क्रिया बार – बार चलती रहती है इस क्रिया को पुनर्चक्रण क्रिया या Recycle Process कहते है

अजैविक घटक

जैसा कि नाम से पता चलता कि जिन तत्वों में जीवन न हो वह अजैविक घटक के अंतर्गत आते है ये अजैविक तत्व सभी जीवित बैक्टीरियों के लिए जरुरी होते है

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अजैविक तत्वों के नाम –

  • स्थलमंडल यानि की पृथ्वी की ऊपरी ठोस भाग
  • जलमंडल
  • वायुमंडल             

 कुछ और भी है जैसे – खनिज पोषक तत्व ,जल और कुछ गैसें ये सभी जैविक जीवन के लिए बहुत ही जरुरी है

स्थल मंडल – इस मंडल में खनिज पोषक तत्वों का भंडार पाया जाता है

जल मंडल – इस मंडल में तरल पदार्थो का भंडार पाया जाता है

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वायु मंडल – इस मंडल में आवश्यक गैसे पाई जाती है

अब ये खनिज पोषक तत्वों का भंडार, तरल पदार्थों का भंडार और आवश्यक गैसों का भंडार जिस क्षेत्र में आपस में मिलते है वह एरिया बायोलॉजिकल लाइफ के लिए बहुत ही ज्यादा उपजाऊ एरिया बन जाता है

ऊर्जा घटक –

सबसे पहले जन लेते है कि ऊर्जा किसे कहते है?

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कार्य करने की क्षमता को ऊर्जा (Energy) कहते है ऊर्जा भी जैव मंडल के लिए बहुत महत्वपूर्ण घटक है यूँ कहो कि ऊर्जा के बिना पृथ्वी पर जीवन असंभव था सभी जीव को कार्य करने के लिए ऊर्जा की आवश्यकता होती है जिस तरह किसी भी मशीन या डिवाइस को चलाने के लिए ऊर्जा की जरुरत होती है

अब आप सोच रहे होंगे की हमें ऊर्जा भोजन से और मशीन या डिवाइसों को बिजली से मिल जाता है लेकिन इस जैव मंडल को कहाँ से ऊर्जा मिलता है तो इसका जवाब जान लीजिये जैव मंडल को ऊर्जा सूर्य से मिलता है सूर्य ऊर्जा का मुख्य स्रोत है सूर्य के बिना जैव मंडल बनना संभव ही नही था

हम लोगों ने इस पोस्ट में किन किन चीजो के बारे में अध्ध्यन किया है

 जैव मंडल,  वायु मंडल, जल मंडल, और स्थल मंडल के परिभाषा को जाना |
दोस्तो आशा करता हूँ कि आपको Jaiv Mandal kya hai इसके बारे में दी गई जानकारी से आप संतुष्ट होंगे अगर आपको यह जानकारी अच्छी लगी हो तो इसे अपने दोस्तों के पास शेयर करें

Thank you so much 

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