एड्स क्या है? कारण, लक्षण, खोज, उपचार एवं नियंत्रण

दोस्तों क्या आप जानना चाहते हैं कि एड्स क्या है? यदि हां तो यह लेख सिर्फ आपके लिए ही है क्योंकि इस लेख में हम इसकी कारण, लक्षण, खोज, उपचार एवं नियंत्रण के बारे में जानेंगे, तो चलिए बिना समय बर्बाद किया शुरू करते हैं।

Table of Contents

एड्स क्या है? What is AIDS in Hindi?

एड्स एक ऐसी परिस्थिति है जिससे शरीर में कई सारे रोगों के लक्षण उत्पन्न होते हैं और ऐसी परिस्थिति जिससे शरीर में विभिन्न प्रकार के रोगों के लक्षण उत्पन्न होते हैं तो उसे सिंड्रोम कहा जाता है।

एड्स फुल फॉर्म या एड्स का पूरा नाम क्या है?

AIDS – Acquired Immunodeficiency Syndrome/उपार्जित प्रतिरक्षा न्यूनता संलक्षण

एड्स कैसे होता है या एड्स किस वायरस से होता है?

यह HIV वायरस से होता है।

HIV का फुल फॉर्म क्या है?

HIV – HUMAN Immunodeficiency Virus

विश्व एड्स दिवस कब मनाया जाता है?

1 दिसंबर को एड्स दिवस मनाया जाता है।

एड्स रोग की खोज कब हुई?

सबसे पहले एड्स को 1981 में अमेरिका में खोजा गया था।

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एड्स/HIV की खोज किसने की थी?

1983 ई0 में वैज्ञानिक Montagier ने पता लगाया कि HIV वायरस से एड्स होता है। या यूं कहे कि इन्होंने 1983 ई0 में एचआईवी वायरस की खोज की थी। भारत में सबसे पहला केस 1986 ई0 तमिलनाडु में देखा गया था।

HIV कैसा वायरस है?

यह एक रेट्रोवायरस है। रेट्रोवायरस का मतलब एक ऐसा वायरस जो नई पीढ़ी का है और जिसमें अनुवांशिक पदार्थ RNA है लेकिन जब यह वायरस किसी कोशिका पर अटैक करता है तो इसका अनुवांशिक पदार्थ डीएनए में बदल जाता है। तो ऐसे वायरस को रेट्रो वायरस कहते हैं। RNA से डीएनए बनने की प्रक्रिया को रिवर्स ट्रांसक्रिप्शन कहते हैं और इसमें रिवर्स transcriptase एंजाइम लगता है। 

एड्स क्या है, AIDS KYA HAI
AIDS KYA HAI

एचआईवी का संक्रमण कैसे होता है/एड्स कैसे फैलता है?

  • संक्रमित व्यक्ति के यौन संपर्क से,
  • रक्त का ट्रांसप्लांट करने से
  • संक्रमित सुइयों के साझा इस्तेमाल से
  • संक्रमित मां से प्लेसेंटा के द्वारा उसके बच्चे में भी हो सकता है।

एड्स सिर्फ छूने से या शरीर के संपर्क में आने से नहीं फैलता है। लेकिन संक्रमित व्यक्ति का तरल (रक्त) हमारे तरल के संपर्क में आता है तो हमें एड्स हो सकती है।

एड्स के लक्षण कितने दिनों में दीखते है?

संक्रमण होने के बाद एड्स के लक्षण प्रकट होने में कुछ महीने या कई वर्ष (5-10 वर्ष) भी लग सकते हैं।

HIV वायरस की संरचना (HIV virus structure in Hindi)

HIV virus structure
HIV वायरस की संरचना

यह एक रेट्रोवायरस होता है यह मैंने आपको पहले ही पता दिया है इस वायरस में सिंगल स्ट्रैंडेड के दो RNA मिलते हैं। जब यह किसी कोशिका को संक्रमित करते हैं तो यह आरएनए, DNA में बदल जाते हैं और यह बदलने के लिए एक एंजाइम की जरूरत होती है जिसे Revers Transcriptase एंजाइम कहते हैं। इसमें दो रिवर्स transcriptage एंजाइम होते हैं। इनमें प्रोटीन का एक आवरण होता है। जिसे capsid कहा जाता हैं। इसके अलावा भी एक आवरण होता है जिसे इन envelope कहा जाता है। एनवलप सभी वायरस में नहीं होते हैं। मुख्य रूप से यह Retrovirus में होते हैं।

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HIV वायरस संक्रमण कैसे करता है?

एचआईवी वायरस जब किसी होस्ट या कोशिका के संपर्क में आता है तो उसके अंदर अपना न्यूक्लिक अम्ल यानी कि आरएनए छोड़ देता है और उस आरएनए में रिवर्स transcriptage एंजाइम लगे होते हैं जिसके सहायता RNA रिवर्स ट्रांसक्रिप्शन करके डीएनए बना लेता है और यह डीएनए उस कोशिका के न्यूक्लियस के अंदर जाता है और उस के केंद्रक मे उपस्थित डीएनए को नष्ट कर देता है और स्वयं उस कोशिका को नियंत्रित करने लगता है जिससे वह अपना गुणन करना शुरू कर देता है जिससे ढेर सारे वायरस बन जाते हैं।

जब उस कोशिका के अंदर ढेर सारे वायरस भर जाते हैं तो वह कोशिका फट जाती है, और सभी वायरस बाहर आ जाते हैं। (यह वाइरस सबसे पहले भक्षाणु कोशिकाओं पर अटैक करती है।) बाहर आने के बाद ये विषाणु T सहायक लिम्फोसाइट कोशिकाओ पर अटैक करती हैं और धीरे-धीरे इन्हें भी नष्ट करने लगती है। टी हेल्पर लिम्फोसाइट कोशिका क्या है इसे जानने के लिए प्रतिरक्षा तंत्र का अध्ययन कीजिए।

टी हेल्पर कोशिकाए नष्ट होने के कारण प्लाज्मा B कोशिका एंटीबॉडीज बनाने के लिए प्रेरित नहीं हो पाती जिससे प्लाज्मा b सेल एंटीबॉडीज नहीं बना पाती है और एंटीबॉडी न बनने के कारण शरीर का उपार्जित प्रतिरक्षा तंत्र बहुत कमजोर हो जाता है जिसके कारण शरीर में बहुत से रोगाणु, बैक्टीरिया, माइक्रोबैक्टेरियम, कवको, विषाणुओ, toxoplasma जैसे परिजीवियों अंदर जाकर ढेर सारे रोग उत्पन्न कर देते हैं और ऐसी स्थिति को सिंड्रोम कहा जाता है। 

एड्स का इलाज है या नहीं?

नहीं, अभी तक एड्स को जड़ से खत्म नहीं किया जा सका है। हां इसका उपचार किया जाता है जिसमें रोगों की लक्षणों को कुछ समय के लिए कम कर दिया जाता है। जिसमें कुछ दवाइयां दी जाती है जैसे Zidovudine, Didanosine.

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एड्स का पता कैसे चलता है?

AIDS पता करने के लिए ELISA टेस्ट किया जाता है। ELISA का फुल फॉर्म Enzyme Linked Immunosorbent Assay है। यदि किसी व्यक्ति का ELISA का रिपोर्ट पॉजिटिव आता है तो कंफर्मेशन के लिए एक और टेस्ट होता है जिसका नाम है Western blotting।

एड्स की रोकथाम के 3 उपाय

एक की रोकथाम करने के लिए ज्यादा से ज्यादा लोगों को जागरूक करना होगा असुरक्षित यौन संबंध बनाने से बचना होगा, गर्भवती महिला को एचआईवी टेस्ट करना चाहिए रक्त का अच्छी तरह से टेस्ट करके ही दूसरे व्यक्ति में चढ़ाया जाय, नए इंजेक्शन निडिल का इस्तेमाल करना चाहिए इत्यादि तरीकों से रोग एड्स का रोकथाम किया जा सकता है।

एड्स के लक्षण (AIDS Symptoms)

जब कोई व्यक्ति एचआईवी से संक्रमित होता है तो शुरू में उसमे फ्लू या दूसरे वायरल बीमारियों के समान लक्षण दिखाई देते हैं। जैसे – बुखार, सिर दर्द, मांसपेशियों में दर्द, रात को पसीना होना, गले में दर्द, गला खराब होना, मुख में छाले, दस्त होना और वजन का तेजी से घटना आदि।

बहुत से ऐसे लोग हैं जो एचआईवी से संक्रमित हो जाते हैं लेकिन काफी दिनों तक उनमें कोई लक्षण नहीं दिखाई देता है।

एचआईवी से एड्स होने में कितना समय लगता है?

एचआईवी से एड्स होने में कितना समय लगता है इस सवाल का जवाब कोई स्थाई रूप से नहीं दे सकता है क्योंकि कुछ लोगों में कुछ सप्ताह में लक्षण दिखाई दे देता है में हो जाता है कुछ में महीने लग जाते हैं और कुछ में वर्षों भी लग जाते हैं। इसलिए कोई भी एक्यूरेट समय नहीं बता सकता है।

वैज्ञानिकों का दावा, एड्स कोई बीमारी नहीं है?

हां AIDS कोई बीमारी नहीं है यह एक परिस्थिति है जिससे शरीर में कई प्रकार के रोगों के लक्षण उत्पन्न होने लगते हैं क्योंकि एड्स में व्यक्ति की उपार्जित प्रतिरक्षा तंत्र बहुत कमजोर हो जाती है जिससे बाहरी रोगाणु शरीर में आसानी से रोग उत्पन्न कर देते हैं।

भारत में सबसे पहले एड्स रोगी कहां मिला?

भारत में सबसे पहले एड्स रोगी तमिलनाडु के वेश्यावृत्ति क्षेत्र में मिला था।

एड्स दिवस क्यों मनाया जाता है?

विश्व एड्स दिवस लोगों को एचआईवी संक्रमण या एड्स के प्रति जागरूक करने के लिए मनाया जाता है क्योंकि जितना अधिक लोग इसके बारे में जागरूक होंगे उतना कम यह संक्रमण फैलेगा।

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Conclusion

दोस्तों आशा करता हूं आपको यह लेख एड्स क्या है?/AIDS kya hai के बारे में दी गई जानकारी पसंद आई होगी और यह आपके लिए हेल्पफुल भी रहा होगा यदि यह लेख आपको पसंद आई है तो इसे अपने दोस्तों के साथ और फेसबुक और व्हाट्सएप ग्रुप में भी शेयर कीजिए और इस लेख से सम्बंधित कुछ सुझाव देना चाहते हैं तो कमेंट करके जरूर बताइए।

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