गुणसूत्र क्या है, खोज, कार्य, संरचना, प्रकार, मनुष्य में गुणसूत्र

नमस्कार दोस्तों स्वागत है आपका एक और जबरदस्त नए आर्टिकल में, दोस्तों आज हम लोग गुणसूत्र क्या है? (What is Chromosome in Hindi?) इसके बारे में अच्छी तरह से अध्ययन करेंगे तो चलिए समय न बर्बाद करते हुए शुरू करते है।

गुणसूत्र क्या है? (What is Chromosome in hindi)

गुणसूत्र का निर्माण कोशिका विभाजन के दौरान क्रोमेटिन जालिका से होता है। गुणसूत्रों की संख्या प्रत्येक जीव जाति का विशिष्ट लक्षण होती है क्योकि प्रत्येक जीवजाति की कोशिका में इसकी संख्या नियत होती है। जैसे –

मनुष्य में गुणसूत्र की संख्या कितनी होती है?

मानव की प्रत्येक कई कोशिका में गुणसूत्रों की संख्या 46 होती है जो मानव जाती का विशिष्ट लक्षण है।

सबसे कम गुणसूत्र किसमें पाए जाते है?

जहाँ तक की गुणसूत्रों का सम्बन्ध है तो जन्तुओ में इनकी सबसे कम संख्या एस्केरिस मैग्लो सिफैलो में नोट की गयी है, जो कि एक जोड़ी अर्थात् दो गुणसूत्र होती है, जबकि पौधों में इनकी सबसे कम संख्या हैप्लोपैपस ग्रैसलिस में नोट की गयी है।

गुणसूत्र क्या है Chromosome in Hindi)
गुणसूत्र क्या है
सबसे ज्यादा गुणसूत्र किसमें पाए जाते हैं? 

जन्तुओ में इनकी सबसे अधिक गुणसूत्रों की संख्या कुछ रेडियोलेरियन प्रोटोजोआ में नोट की गई है जो लगभग 1600 गुणसूत्र है जबकि पौधों में इसकी सबसे अधिक संख्या लगभग 1200 कुछ टेरिडोफाइटा पौधों में नोट की गई है।

गुणसूत्र की खोज किसने की थी?

कोशिका में गुणसूत्र की खोज बैज्ञानिक Walther Flemming ने की थी और बैज्ञानिक डब्ल्यू वाल्डेयर ने गुणसूत्र नाम दिया था।

गुणसूत्र के कार्य बताइए?

गुणसूत्र कोशिका (Cell) में पाए जाने वाले वे इकाई (Unit) होती है, जो मम्मी (Mother) और पापा (Father) के लक्षणों को उनकी संतानों में ले जाते है।

गुणसूत्र की संरचना (Structure of Chromosome) –

प्रत्येक गुणसूत्र एक बेलनाकार संरचना होती है। जिसमे भरे हुए पदार्थो को मैट्रिक्स कहा जाता है। इस मैट्रिक्स में गुणसूत्र के आर – पार फैली हुई धागे जैसी दोनों संरचनाओ को क्रोमोनिमेटा कहा जाता है। इन क्रोमोनिमेटा पर माला की लरियों जैसी सूक्ष्म संरचनाये होती है, इन्हें क्रोमियस कहा जाता है। गुणसूत्र प्राइमरी Contriction (Centromere) द्वारा बीच से दो भागो में बटा होता है। सेंट्रोमियर का प्रत्येक भाग क्रोमैटिड कहलाता है।

और इस प्रकार एक गुणसूत्र में सामान्यतः 2 क्रोमैटिड होते है। Primary Contriction द्वारा गुणसूत्र में कुछ अन्य भी Contriction हो सकते है जिन्हें Secondary Contriction कहा जाता है। इन सेकेंडरी Contriction में से Contriction first पर Neucleolus Orgenices नामक संरचना में केन्द्रक का निर्माण होता है।

गुणसूत्र कितने प्रकार के होते हैं?

गुणसूत्र के प्रकार (Type of Chromosome) –

गुणसूत्र पर गुणसूत्र बिंदु (Centromere) की स्थिति के अनुसार गुणसूत्र निम्न प्रकार के होते है।

  1. A Centric Chromosome – इस गुणसूत्र में सेंट्रोमियर नहीं होते है।
  2. Telocentric Chromosome – टीलोसेंट्रिक गुणसूत्र पर सेंट्रोमियर (Centromere) होते है।
  3. Aerocentric Chromosome – इस गुणसूत्र में सेंट्रोमियर ऊपर से ठीक पहले स्थित होता है।
  4. Submentacentric Chromosome – इस गुणसूत्र में सेंट्रोमियर मध्य बिंदु से ठीक पहले स्थित होता है।
  5. Metacentric Chromosome – इस गुणसूत्र में सेंट्रोमियर मध्य में स्थित होता है।

गुणसूत्र की संरचना का न्यूक्लियोसोम मॉडल –

बैज्ञानिक  R.D. Kornberg के अनुसार प्रत्येक न्यूक्लियोसोम डी एन ए (DNA) एवं हिस्टोन नामक प्रोटीन से मिलकर बनता है। न्युक्लियोसोम में पांच प्रकार के हिस्टोन नामक प्रोटीन H1, H2a, H2b, H3, H4 में से H1 को छोड़कर के शेष चार हिस्टोन प्रोटीन अणुओं में से प्रत्येक के दो – दो अणु 2(H2a, H2b, H3, H4) मिलकर एक अष्टक बनाते है, और इस हिस्टोन अष्टक के चारो तरफ DNA लगभग ढाई कुण्डली का बलन बनाता है। जिसमे लगभग 150 – 200 न्युक्लियोटाइड होते है।

गुणसूत्र क्या है chromosome in hindi
गुणसूत्र क्या है

H1 नामक हिस्टोन प्रोटीन बलिथ हुए DNA के ऊपरी सिरे पर चिपक करके सिलिंग का काम करता है। उपर्युक्त के अतिरिक्त DNA का वह भाग जो दो न्युक्लियोसोम के बीच स्थित होता है अर्थात् न्युक्लियोसोम को जोड़ने का कार्य करता है, लिंकर डी एन ए (Linker DNA) कहलाता है।

Gant Chromosome –

इसके अंतर्गत जीवधारियों के विशेष कोशिकाओ में पाए जाने वाले विशाल आकार के गुणसूत्र आते है ये गुणसूत्र है।

लैम्पब्रूश गुणसूत्र (Lampbroosh) –

ये गुणसूत्र आकार में लैम्प साफ करने वाले ब्रुश जैसी संरचना होने के कारण इन्हें लैम्पब्रुश गुणसूत्र कहा जाता है। इनकी खोज बैज्ञानिक Ruckert ने सन 1892 ई0 में की थी। ये कोशिका में पाये जाने वाले सबसे बड़े गुणसूत्र होते है। और ये मुख्यतः उभयचरो सरित्रोक आ करके पक्षियों आदि को प्राथमिक अंड कोशिकाओ में पायी जाती है।

गुणसूत्र क्या है
गुणसूत्र क्या है?

प्रत्येक लैम्पब्रुश गुणसूत्र में केन्द्रित अक्ष होता है। जिससे दो DNA से बने हुए दो लूप निकले होते है। लूप का DNA अत्यंत सक्रिय होता है और ट्रांसक्रिप्शन क्रिया द्वारा DNA बनाता है। यह RNA प्रोटीन संश्लेषण में भाग लेता है। अतः लैम्पब्रूश गुणसूत्र ऐसी कोशिकाओ में पाया जाता है। जिनमें प्रोटीन संश्लेषण नहीं होता है।

पोलिटिन गुणसूत्र (Politene Chromosome) –

ये गुणसूत्र कीटो के लारग्रंथियो में पाए जाते है। अतः इन्हें लारग्रंथि गुणसूत्र भी कहा जाता है। बैज्ञानिक E.G. Balbiani ने 1881 ई0 में इन्हें कीटो की लारग्रंथियो में देखा था। प्रत्येक पोलिटिन गुणसूत्र वेंड एवं इण्टर वेंड नामक संरचनाओ से मिलकर बनता होता है। पोलिटिन गुणसूत्र कुछ स्थानों पर फूल करके एक छल्ले जैसी संरचना बनाती है, जिसे Balbiani Ring या Balbianifupp कहा जाता है।

गुणसूत्र क्या है
गुणसूत्र क्या है?

दोस्तों आशा करता हूँ कि गुणसूत्र क्या है? (What is Chromosome in Hindi?) के बारे में दी गई जानकारी आपको पसंद आई होगी। यदि यह जानकारी आपको पसंद आयी है तो प्लीज इसे शेयर कीजिये।

धन्यवाद

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